1. बेमिसाल मोहब्बत और बेपनाह वफ़ा
सब कुछ लुटाया है तेरी हुस्नों अदा पर कभी अपनी मोहब्बत का हिसाब रखा नहीं तुझे चाहा है दिल से किसी सौदे की तरह नहीं एहसान जताना हमारी फितरत नहीं है।
2. झूठे वादों और टूटी मोहब्बत की शायरी
क्या इस तरह वादों से मुकर जाना अच्छा है किसी के दिल को तोड़ कर मुस्कुराना अच्छा है जब निभा नहीं सकते रिश्ता उम्र भर का क्या झूठी उम्मीद का दीया जलाना अच्छा है।
3. हमसफर बनाने कि ख्वाहिश
तुम्हें हमसफ़र बनना है हर हाल में यही मेरी ख्वाहिश हर दुआ हर ख्याल में चाहे कितनी भी मुश्किलें आए इस सफर ए जिंदगी में तेरा हाथ थामें रखना है आखिरी सांस तक।
4. सच्ची मोहब्बत और वफ़ा की पहचान
मोहब्बत का दिखावा हम नहीं करते इश्क की गलियों में तमाशा हम नहीं करते वफा हमारी फितरत है रिवायत नहीं हर किसी पर दिल लूटाने का इरादा हम नहीं रखते।
5. बेवफ़ाई की राख में दबी मोहब्बत
वो वादों को तोड़कर शोला भड़का गई हम उम्र भर मोहब्बत की राख समेटने में रह गए जिसे मुकद्दर समझकर रूह में बसाया था वो बेवफा बनकर हमारे ख्वाबों को राख कर गई।
6. बदले हुए रिश्तों की सच्चाई
आजकल लहजे में शहद घोलकर जहर पिलाया जाता है मुस्कुराहट की आड़ में रिश्ता सावरा नहीं बिगड़ जाता है यहां विश्वास की नींव पल भर में गिरा देते हैं लोग फिर भी जमाने में बेवफाई को दस्तूर बताया जाता है।
7. सच और उसूलों की शायरी
हम आवाज उठाएंगे तो लोग सवाल उठेंगे सच की राह में हर कदम बवाल उठाएंगे हम अपने वसूलों से कभी समझौता नहीं करेंगे झूठ के बाजार में सच का परचम लहराएंगे।
8. झुकी नज़रों का इश्क़
देखा है मैंने उनकी झुकती नजर दिल पर छोड़ गई खामोश सा असर लव खामोश रहे ना इजहार हुआ मगर इश्क बेपनाह हो गया।
9. तेरी अदाओं पर दिल क़ुर्बान
हम लूट लेंगे तेरी अदाओं से हर अंदाज तेरी हर मुस्कान पर ये दिल निछावर है एक झलक मेरे जीवन का उपहार है तेरे सिवा अब जिंदगी में किसी और की कहां दरकार है।
10. नखरे, बेरुख़ी और अधूरी मोहब्बत
जो यूं ही नखरे दिखाती रहोगी फिर कैसे मनाऊं कहीं खामोशियों की कैद में सिमट ना जाऊं इश्क अदाओं से नहीं वफा और एहसासों से मुकम्मल होता है तेरी बेरुखी यूं ही रही तो रुखसत हो जाना ही बेहतर है।
11. सब्र और वफ़ा की मोहब्बत
दिल दिया है वफा की उम्मीद रखते हैं इश्क किया है तो हर अदब की तामील रखते हैं तुम चाहे जितनी देर लगाओ लौटने में हम आज भी मोहब्बत में सब्र की तहजीब रखते हैं।
12. बेवफाई
उस बेवफा ने जख्म इतने दिए हैं कि जीने की हर ख्वाहिश अब दफ्न हो गई है मुस्कुराहट सिर्फ चेहरे तक रहती है रूह तो कब की खामोश हो गई है।
13. मरहम के बहाने ज़ख्म
उसकी आदत है ज़ख्मों पर मरहम लगाने की फिर वही जख्म और गहरा बनाने की हम हर बार उसे अपना मसीहा समझ बैठे उसकी फितरत थी दिल को बार-बार आजमाने की।
14. रूठने-मनाने की अधूरी मोहब्बत
वक्त गुजर जाता है आजकल उसे मनाने में और वो खुश रहती है हर बात रूठ जाने में हम मोहब्बत आखरी सांस तक निभाते रहे उसे सुकून मिला बस हमें उम्र भर तड़पाने में
15. मोहब्बत में हक़ और तड़प
कोई और तुम्हें देखे मोहब्बत भरी नजरों से तो यकीन मानो जल उठेगा ये दिल मेरा सिर्फ हक जताना मेरी फितरत नहीं है तुम्हें खो देने का ख्याल भी अब गवारा नहीं है
