बेवफा शायरी | दर्द भरी शायरी

1. बेवफा शायरी

कोई उसे अच्छा मिला तभी वो ठुकरा गई वरना हमारी वफा नसीब वालों के हिस्से में आया करती है

2. दर्द भरी शायरी

नहीं थी मोहब्बत तो पहले बता देती ये झूठी उम्मीदें ना दिल में जगा देती मेरे वजूद को अपनी चाहत का फरेब ना बना देती अच्छा होता मेरी जिंदगी को रणभूमि ना बना देती

3. टूटे रिश्तों की शायरी

वो बात कहां है तेरी बातों में बस कोटा पूर्ति बची है तेरी मुलाकातों में दिल से मिलने का दौर गुजर गया बस औपचारिकता बची है तेरी हर मुलाकातों में

4. वफ़ा पर शायरी

वो मुझ पर बेवफा का इल्जाम लगा गई और हम अपनी वफा में कमियां ढूंढने में रह गए और हम वफा में अपनी कमियां ढूंढने में रह गए

5. धोखा शायरी

बेइमानिया उसकी नजर में पलती रही और हम मोहब्बत को इबादत समझते रहे वो हर बार फायदे का सौदा करती रही हम उसे अपनी किस्मत समझते रहे

6. यादों की शायरी

उसकी यादों में हर शाम गुजर जाती है नींद आंखों से बिना मिले लौट जाती है कैसे कह दूं अब फर्क नहीं पड़ता उसका जिक्र आते ही धड़कन ठहर जाती है

7. रिश्तों की दर्द भरी शायरी

हर बात में लड़ाइयां करती है कहां मेरी मुश्किलों को समझती है अपनी ही को मोहब्बत कहती है कहां मेरे जज्बातों को पड़ती है रिश्ते सिर्फ शिकायत से नहीं एक दूजे को समझने से चलते हैं मैं दर्द छुपा कर मुस्कुरा लेता हूं वो मेरी खामोशी तक ना समझती है

8. बेवफा दर्द शायरी

उस बेवफा से उम्मीद करना छोड़ दिया है जिसने हर वादे को वक्त के साथ तोड़ दिया है अब किसी की मोहब्बत नहीं अपने हौसलों पर ऐतबार है जिसने दर्द से जीना सीख लिया उसे किस बात का इंतजार है

9. भरोसा टूटने की शायरी

मुझे भरोसा है तुम्हारी वादों पर मगर नजर भी रखने लगे हैं तुम्हारी इरादों पर अब इश्क आंखें मूंदकर नहीं किया जाता आजकल मुस्कुराहटों के पीछे दिल तोड़ने की साजिश हुआ करती है

10. झूठी मोहब्बत की शायरी

तुम्हारे इरादे पता है मुझे कहती हो कुछ और करती हो कुछ लबों पर वफा की बातें मगर दिल में कुछ और पलता है अब तेरे झूठ की आहट पहचानने लगा हूं चेहरे पर मासूमियत मगर दिल में कुछ और छुपा कर रखती हो

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